चांदी के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार देश के सर्राफा बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। हाल के महीनों में इस कीमती धातु की कीमतों में ऐसा उछाल आया है, जो पहले शायद ही कभी देखा गया हो। बीते एक साल के भीतर इसमें 301 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे साफ है कि यह तेजी सिर्फ अनुमान नहीं बल्कि मजबूत मांग और वैश्विक हालात का नतीजा है। इतनी तेज़ बढ़त ने निवेशकों के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया है।
इस ऐतिहासिक उछाल के पीछे सबसे बड़ी वजह औद्योगिक मांग मानी जा रही है। इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में इसका इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। भारत और चीन जैसे बड़े औद्योगिक देशों में उत्पादन बढ़ने के कारण फिजिकल मेटल की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। सोलर पैनल निर्माण में इसके ज्यादा इस्तेमाल ने सप्लाई पर दबाव बढ़ा दिया है, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है।
आज बड़े शहरों में कीमतों का हाल (₹ प्रति किलो)
| शहर | आज का भाव (लगभग) |
|---|---|
| दिल्ली | ₹3,40,200 |
| मुंबई | ₹3,39,800 |
| कोलकाता | ₹3,41,000 |
| चेन्नई | ₹3,42,300 |
| बेंगलुरु | ₹3,39,500 |
| अहमदाबाद | ₹3,38,900 |
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी इस तेजी को मजबूत समर्थन मिल रहा है। न्यूयॉर्क ट्रेडिंग में हाजिर कीमतों का $100 प्रति औंस के पार जाना वैश्विक मांग की ताकत को दिखाता है। वहीं दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के चलते निवेशक इसे सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि इतनी तेज़ बढ़त के बाद ऊंचे स्तरों पर हल्का करेक्शन या मुनाफावसूली संभव है, इसलिए निवेश से पहले सोच-समझकर और सही रणनीति के साथ कदम उठाना जरूरी है।